Thursday, March 8, 2018

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आशियाँ बनाती है


तिनका तिनका रेज़ा रेज़ा, घरौंदा बनाती है
कायनात ए करिश्मा है, आशियाँ बनाती है

ठंडक आब सी है, फिर तपिश आग सी
मिट्टी के खिलौने को, माँ इंसान बनाती है

हर साल कलाई पर, भरोसा बाँध देती है
पासबाँ बनाती है, बहन चट्टान बनाती है

ज़मीं छोड़ अपनी, आसमां छोड़ आती है
हाथ थाम कर फिर, नयी दास्ताँ बनाती है

सजदों से हासिल है, उसे दौलत बेशकीमती
बेटियाँ घर आकार जिसे, शहंशाह बनाती हैं


साकेत




रेज़ा-रेज़ा - gradually
आब - water
पासबाँ - protector
 सजदा - prayers

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