Tuesday, May 1, 2018

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मुझे याद रख


दिल-ए-बे-दिल, नाशाद रख
मुझे भूल जा, मुझे याद रख

सफ़ेद लिख, या स्याह रख
मेरे नाम को, तेरे बाद रख

मुझे रास्तों की खबर नहीं
मुझे काफ़िले में साथ रख

यहाँ हर तरफ़ बस हुजूम है
शहर-ए-बे-क़दर, बर्बाद रख

मैं मुल्क हूँ, नई सोच का
जम्हूरियत, आबाद रख

बहल जा दिल-ए-खुशफ़हम
उसे भूल कर, उसे याद रख



साकेत




नाशाद - unhappy
स्याह - black
हुजूम - crowd
बे-क़दर - ungrateful
जम्हूरियत - democracy
खुशफ़हम - optimist


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