Saturday, September 19, 2015

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खुदा मिला उसे...

खुदा मिला उसे, नेमत छोटी माँग ली
घर पर बच्चा भूखा था, माँ ने रोटी माँग ली

मखमली चादर चढ़ने लगे, बेटों की ख्वाहिश में
वो गरीब जाहिल ठहरा, उसने बेटी माँग ली

कल उसने सरहद पर अपना सबकुछ खोया है
मुआवज़े में नाम अपने, उसकी चिट्ठी माँग ली

दूर मुल्क भूले, भटकते रहे ताउम्र, लौट कर आए
दो गज़ ज़मीन, हवा, काम भर मिट्टी माँग ली

उम्मीद का दीया, रोशन, घर उसके दिवाली आएगी
पसीना बेच तेल ले आया, तो उसने बत्ती माँग ली

किसी ने बंगला माँगा, तमाम शोहरतें माँग ली
ज़रूरतें कम थीं बच्चे की, उसने कॉपी माँग ली 

खुदा मिला उसे...
साकेत




नेमत  - reward, gift, boon, beneficence