Friday, September 19, 2014

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तुम

अधूरा चाँद
पूरा आकाश
दूधिया रोश्नी
जूझता प्रकाश
बुझता दीपक

अँधेरा...

मिटाने का प्रयास
जागती रातें
सवेरे की आस

हर रात...

अकेला मैं
मेरे साथ
'तुम'

- साकेत 

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